तूफ़ानो झंझावतो से कहो कौन... यहाँ बच पाया हैं
पर जीवन के चौराहो पर हर तरफ इन्ही का साया हैं
स्मृतियों को मिटा सके हमे इतना भी अधिकार नही
मुस्कान जिन्होने दी हैं हमे ये दर्द उन्ही का ज़ाया हैं
पर जीवन के चौराहो पर हर तरफ इन्ही का साया हैं
स्मृतियों को मिटा सके हमे इतना भी अधिकार नही
मुस्कान जिन्होने दी हैं हमे ये दर्द उन्ही का ज़ाया हैं
Rachna achi hai sir lekin plzz word verification remove kijiye comments se. padhne ka silsila tut jata hai time bhi bina matlab lag jata hai uske karan
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