Monday, June 27, 2016

.चाँद



उसकी आँखों में पढ़ लेता  हूँ
मैं फ़ज़र  की नमाज़

उसके माथे का
बोसा हैं इफ्तारी मेरी

उसकी मुस्कान में हैं
ईद की सेवइयों की मिठास

कि मेरे छोटे से घर में
इक चाँद  सी बेटी हैं मेरी !!