Sunday, December 10, 2017

जन्म दिन

सुना हैं
आज
तुम्हारा जन्मदिन है

पर मैंने तो
 सुना था की
परियां
जन्म नहीं लेती
आसमान से उतरती हैं

ये भी की
लौट जाती हैं
अपने अपने
परिस्तान मैं
ख्वाब
पूरे हो जाते हैं जब
वो तो
परे हैं
जन्मने अजन्मने
के बंधन से
फिर भी
बधाई देता
हर पल छिन  हैं
सुना हैं की
आज
तुम्हारा
जन्मदिन हैं

तभी मैं कहूं
आज
कुछ जियादा हैं
रौशनी शायद
खुशबूएं हैं
हवाओं में
रागनी सी हैं

बहका हुआ हैं
हर इक गुलाब
इतराया हुआ सा
गुलमोहर पे आमादा
शायरी सी हैं

रक्खें हों किसी ने
आज दुनिया मैं
कदम
मुमकिन हैं
सुना हैं
की आज
तुम्हारा जन्मदिन हैं