Sunday, September 13, 2015

दर्द.

दर्द..ताउम्र भले,,सीने से लगा रहता हैं ! 
जख्म कैसे भी हो,हर हाल में भर जाते हैं !!

दिल मैं उतरें तो,, शायद कोई बात बने !
लोग ऐसे हैं की,, नजरों से उतर जाते हैं !!

कमनसीबी तो, सर-ए-राह मिलेगी यारों !
चलो ऐसा करें की, चुपके से मर जाते हैं !!